Tarot is called The Mirror of the Soul. It is an ancient divinatory art which uses 78 archetypal cards to represent past, present and future situations in a person's life. To learn how to read the cards is to learn how to understand life on an archetypal level. A typical reading of the cards mirrors our past decisions, validates our present situation, and projects a probable future for your consideration.

Tarot is a divination system that uses a set of cards to gain insight and achieve greater control over issues involving relationships, opportunities, and life changes.

The Tarot deck is over 500 years old. With archetypal roots that go back almost 2,000 years, Tarot has become a repository of ancient wisdom. Interestingly, our modern playing cards are a subset of the Tarot.

The history of Tarot symbolism is shrouded in mystery. Some of the Tarot symbols are thought to have originated in China, India or Egypt. Tarot cards date back to 15th century Spain, Italy and France.

टैरो, कार्डों की रहस्यमयी दुनिया और भविष्य आकलन की सर्वप्रिय विधा। इस शब्द की उत्पत्ति भी रहस्यमय है। टैरो सिर्फ शब्द नहीं, भविष्य और जीवन है। कुछ मानते हैं यह टैरोची शब्द से उत्पन्न हुआ, जो माइनर आर्काना के कार्डों से संबंधित था, तो कुछ इसकी उत्पत्ति टैरोटी से मानते हैं क्रास लाइन जो कि कार्डों के पीछे दिखती है। रहस्यमय संसार की रहस्यमय कहानी, लेकिन भविष्य की कहानी टैरो की जुबानी।

टैरो डेक में कुल ७८ कार्ड होते हैं, जिन्हें मेजर आर्काना तथा माइनर आर्काना में विभक्त किया गया है। आर्काना लैटिन भाषा के शब्द आर्कान्स से उत्पन्न हुआ, जिसका अर्थ है रहस्यमय व्यक्तिगत विकास के रहस्यों से प्रतीकात्मक रूप से अभिलेखित शिक्षाएं लिए मेजर आर्काना गुप्त विज्ञान के छात्रों का गंभीर विषय है।

धार्मिक समूहों और विभिन्न भूमिगत जातियों का गुप्त शिक्षा अंकन। टैरो का दर्शन कबाला से उत्पन्न हुआ है। शब्दों और अंकों की दैवीय शक्ति से सम्पन्न टैरो आज भविष्य दर्शन का लोकप्रिय माध्यम है तो चलिए इस रहस्य और भविष्य दर्शन की अनोखी विधा को समझने।