Horary astrology- This highly specialized astrological application is very ancient. It deals with specific questions and replies with specific answers. The basis of the horary chart is the time your question is put to the astrologer, and from this a map of the sky is erected. Personal details, such as your date, place and time of birth, are not needed and so, for those who do not have this information, horary provides a method of dealing with problems with difficult situations.
Horary astrology is different in another way. The chart that is calculated is for that question only and will show the background of the question (what led up to the question) what is going on at the present time and how the future could turn out if you let nature run it's course.
The fascinating thing about horary is that we have a choice in the matter. If the chart shows that things are going to turn out well then we can leave them alone and relax. But if the chart shows potential problems we can choose not to continue or choose to do something in a different way which can give us a different outcome.

प्रश्न ज्योतिष- ज्योतिष की वह कला है जिससे आप अपने मन की कार्यसिद्धि को जान सकते है. कोई घटना घटित होगी या नहीं, यह जानने के लिए प्रश्न लग्न देखा जाता है. प्रश्न समय निर्धारण के विषय में प्रश्न कुण्डली का नियम है कि जब प्रश्नकर्ता के मन में प्रश्न उत्पन्न हो वही प्रश्न का सही समय है.

जैसे- प्रश्नकर्ता ने फोन किया और उस समय ज्योतिषी ने जो समय प्रश्नकर्ता को दिया, इन दोनो मे वह समय लिया जायेगा जिस समय ज्योतिषी ने फोन सुना, वही प्रश्न कुण्डली का समय है.कई प्रश्नो का जवाब जन्म कुण्डली से देखना मुश्किल होता है, जबकि प्रश्न कुन्ड्ली से उन्हे आसानी से देखा जा सकता है. प्रश्न कुण्डली से जाना जा सकता है कि अमुक इच्छा पूरी होगी या नहीं (The prashna kundali can reveal whether a desire will be fulfilled). प्रश्न कुण्डली से उन प्रश्नो का भी जवाब पाया जा सकता है जिसका जवाब हां या ना में दिया जा सकता है जैसे अमुक मामले में जीत होगी या हार, बीमार व्यक्ति स्वस्थ होगा या नहीं, घर से गया व्यक्ति वापस लौटेगा या नहीं. इतना ही नहीं प्रश्न कुण्डली से यह भी ज्ञात किया जा सकता है कि खोया सामान मिलेगा अथवा नहीं.